मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। भाजपा द्वारा अपना उम्मीदवार उतारने के बाद कांग्रेस खेमे में हलचल मच गई है। पार्टी अब एकजुटता बनाए रखने के लिए सक्रिय हो गई है। भोपाल में बैठकों का दौर जारी है और कांग्रेस रणनीतियों पर चर्चा कर रही है। विधायकों को एकजुट रखने के लिए ‘लंच पॉलिटिक्स’ और ‘डिनर डिप्लोमेसी’ का सहारा लिया जा रहा है। पार्टी के शीर्ष नेता सभी विधायकों के साथ संवाद कर रहे हैं ताकि क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को खत्म किया जा सके। सूत्रों के अनुसार, विधायकों की शिफ्टिंग या बाड़ेबंदी को लेकर अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि क्या कांग्रेस अपने सभी मतों को सुरक्षित रख पाएगी। पार्टी के सीनियर नेताओं का कहना है कि वे किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते। इस चुनाव को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े शक्ति परीक्षण के रूप में देखा जा रहा है। विधायकों के साथ विचार-विमर्श के बाद ही आगामी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से भी कांग्रेस बेहद सतर्क है और हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है।
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