राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक हालिया बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। इस बयान में उन्होंने परोक्ष रूप से सचिन पायलट और कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। माना जा रहा है कि गहलोत ने बीजेपी का जिक्र करते हुए पायलट पर निशाना साधा और उसी के बहाने पार्टी नेतृत्व को भी कठघरे में खड़ा किया। बयान के बाद कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गहलोत का यह बयान एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश देता है। इसमें उन्होंने कर्नाटक के सिद्धारमैया से तुलना के संदर्भ में भी संकेत दिए हैं। इससे पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक स्थिति पर सवाल फिर उठने लगे हैं। बयान को लेकर राजस्थान की राजनीति में फिर से हलचल देखी जा रही है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करना शुरू कर दिया है।
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