छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के हेटारकसा गांव में कोसरिया गांडा गंधर्व समाज का एक विशेष आयोजन हुआ। इस दौरान परशुराम टांडिया और उनके परिवार ने लगभग 20 साल बाद ईसाई धर्म छोड़कर स्वेच्छा से सनातन धर्म में वापसी की। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया। शुद्धिकरण की रस्में पूरी की गईं और ढोल-नगाड़ों के साथ परिवार का सम्मान किया गया। इस मौके पर सामाजिक एकता और परंपराओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। परिवार की वापसी को समाज के लिए महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाज के सदस्य मौजूद रहे। इस आयोजन को सांस्कृतिक और धार्मिक पुनर्संयोजन के रूप में देखा जा रहा है।
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