फरीदाबाद की नीमका जिला जेल में सोमवार तड़के एक 25 वर्षीय बंदी ऋतिक उर्फ रंकित भड़ाना ने आत्महत्या कर ली। मृतक कैदी गाजीपुर का रहने वाला था और पिछले करीब 11 महीने से विभिन्न आपराधिक मामलों में सलाखों के पीछे था। ऋतिक के खिलाफ मारपीट और हत्या के प्रयास समेत करीब 16 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। तबीयत खराब होने के कारण मृतक कैदी को पिछले तीन दिनों से जेल परिसर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात उसने अस्पताल के बाथरूम में जाकर फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जेल स्टाफ ने जब कैदी को उसके बेड पर नहीं पाया, तो उसकी खोजबीन शुरू की गई और वह बाथरूम में लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही जेल डिप्टी साजिद खान मौके पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई राजेश ने जेल डिप्टी साजिद खान पर कैदी को बेरहमी से प्रताड़ित करने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि जेल प्रशासन की प्रताड़ना के कारण ही मृतक मानसिक रूप से परेशान था और उसने यह कदम उठाया। दूसरी तरफ जेल डिप्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऋतिक पहले से ही मानसिक तनाव में था। गौरतलब है कि नीमका जेल पहले भी आतंकी आरोपी की हत्या और कैदी पर खौलता तेल फेंकने जैसी हिंसक घटनाओं के कारण विवादों में रही है। इस ताजा आत्मघाती कदम के बाद एक बार फिर जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की निगरानी और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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