भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर मैच में एक महत्वपूर्ण डीआरएस विवाद देखने को मिला। अफगानिस्तान की टीम पंत का विकेट हासिल करने का सुनहरा मौका गंवा बैठी। मैच के दौरान एक अपील पर अंपायर ने बल्लेबाज को नॉट आउट करार दिया था। अफगानिस्तान ने उस समय डीआरएस का प्रभावी उपयोग नहीं किया। बाद में रिप्ले और अल्ट्राएज में स्पष्ट रूप से बल्ले का किनारा दिखाई दिया। इससे संकेत मिला कि पंत उस समय आउट हो सकते थे। जीवनदान मिलने के बाद पंत ने इसका पूरा फायदा उठाया। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 81 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनकी पारी ने भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। अफगानिस्तान के लिए यह फैसला काफी महंगा साबित हुआ। टीम को बाद में एहसास हुआ कि शुरुआती मौके पर विकेट मिल सकता था। पंत ने मैदान पर कई आकर्षक शॉट लगाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। आखिरकार अफगानिस्तान के कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी की रणनीति के तहत उनकी पारी का अंत हुआ। हालांकि तब तक पंत अपनी टीम के लिए बड़ा योगदान दे चुके थे। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि डीआरएस जैसे तकनीकी संसाधनों का सही समय पर उपयोग मैच का रुख बदल सकता है।
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