अंतागढ़-रायपुर डेमू ट्रेन में यात्रियों की भारी भीड़ के कारण आए दिन गंभीर सुरक्षा जोखिम देखने को मिल रहे हैं। आलम यह है कि ट्रेन में पैर रखने की जगह नहीं होने के कारण यात्री अपनी जान दांव पर लगाकर सफर करने को मजबूर हैं। बोगी के अंदर खचाखच भीड़ के बीच, कई लोग गेट पर लटककर और ट्रेन की छत के करीब खड़े होकर यात्रा करते देखे जा सकते हैं। यह स्थिति न केवल खतरनाक है, बल्कि किसी बड़ी अनहोनी को भी न्योता दे रही है। स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन इस समस्या पर पूरी तरह मूक दर्शक बना हुआ है। कोचों की संख्या कम होने के कारण रोजाना हजारों यात्रियों को इस असहनीय भीड़ का सामना करना पड़ता है। कई बार यात्री इस संबंध में शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। यात्रियों का कहना है कि प्रशासन केवल बड़े हादसों का इंतजार कर रहा है। समय पर ट्रेन का संचालन न होना और डिब्बों की कमी इस समस्या को और विकराल बना देती है। रेल यात्रा के दौरान होने वाली असुविधा और डर के कारण कामकाजी लोगों और छात्रों का बुरा हाल है। प्रशासन की उदासीनता के चलते यात्रियों में गहरा आक्रोश है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी दिन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। आम जनता ने मांग की है कि कोचों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
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