भारत में तेजी से बढ़ रही हाईराइज इमारतों के साथ अग्नि सुरक्षा एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। ऊंची इमारतों में आग लगने की घटनाएं फायर सिस्टम की क्षमता पर सवाल खड़े कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा अग्निशमन व्यवस्था कई बार ऐसी इमारतों की ऊंचाई के अनुरूप नहीं होती। अधिकांश फायर ब्रिगेड उपकरणों की पहुंच सीमित ऊंचाई तक ही होती है। ऐसे में ऊपरी मंजिलों पर लगी आग तक सीधे पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। कई शहरों में आधुनिक फायर फाइटिंग उपकरणों और विशेष वाहनों की कमी भी महसूस की जाती है। ऊंची इमारतों में आग लगने पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव में लापरवाही भी जोखिम बढ़ाती है। विशेषज्ञ इमारतों में स्वचालित स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर और आपातकालीन निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की सलाह देते हैं। बढ़ते शहरीकरण के साथ फायर सेफ्टी मानकों को और सख्त बनाने की जरूरत बताई जा रही है। नई परियोजनाओं में सुरक्षा उपायों का सही पालन सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई मामलों में फायर सिस्टम होने के बावजूद उनके प्रभावी संचालन पर सवाल उठते हैं। आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण की आवश्यकता है। हाईराइज इमारतों की बढ़ती संख्या के बीच अग्नि सुरक्षा को लेकर व्यापक और दीर्घकालिक रणनीति की मांग तेज हो रही है।
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