नवांशहर में 16 वर्षीय नाबालिग राधिका के ब्लाइंड मर्डर और इसके बाद शव जलाने के मामले में कई नए खुलासे हुए हैं। राधिका के मर्डर की कहानी आरोपी गुरविंदर की टोकाटोकी से शुरू होती है। राधिका गुरविंदर का अपनी मां के साथ रहना पसंद नहीं करती थी और चले जाने के लिए कहती थी। 29 मई से पहले गुरविंदर ने राधिका को अपने बॉयफ्रेंड से मिलने से लिए टोका। उसने कहा कि वह लड़कों के साथ न घूमा करे। इस बात को लेकर गुरविंदर और राधिका के बॉयफ्रेंड के बीच बहस भी हुई। बहस होने पर राधिका ने गुरविंदर को धमकाया कि अब तेरे दिन थोड़े रह गए हैं। इस धमकी के बाद गुरविंदर को लगा कि राधिका उसका नुकसान कर सकती है। इससे उसने 29 मई को अपनी लिव इन पार्टनर ऊषा को राहों के लिए बस में चढ़ाया और घर आकर राधिका की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने एक सूटकेस खाली किया, लेकिन उसमें से निकाले कपड़ों को जल्दबाजी में सही ढंग से रखना भूल गया। गुरविंदर ने आननफानन लाश को सूटकेस में ढूंसा और खुरालगढ़ के जंगल में ले जाकर जला दिया। राधिका की मां ऊषा राहों में फोर्थ क्लास कर्मचारी के तौर पर काम करती थी और जब वह 1 जून को घर आई तो बेटी को मिसिंग पाया। इसके बाद उसने गुरविंदर से पूछा तो उसने किसी के साथ जाने का बहाना बना दिया, लेकिन 3 दिन न लौटने पर मां ने थाना सिटी नवांशहर में शिकायत दे दी। 1 जून को शिकायत के बाद पुलिस ने 3 जून को शक के आधार पर गुमशुदगी का पर्चा दे दिया। 3 जून को मां ने गुरविंदर पर शक जाहिर किया, जिसके बाद पुलिस कमरे में पहुंची तो कपड़े बिखरे देखे। इस दौरान एक सूटकेट मिसिंग पाया गया। इससे शक पुख्ता हो गया और गुरविंदर को राउंडअप किया। पूछताछ में उसने पूरी कहानी बता दी। कत्ल की वजह और उसकी पूरी कहानी… 5 पाइंट में जानें, आरोपी ने पुलिस को कैसे उलझाया
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