कर्नाटक के बेलगावी जिले में पर्यावरण संरक्षण और बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की गई है। इस विशेष अभियान के तहत जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जापानी तकनीक ‘मियावाकी मॉडल’ का उपयोग करके कुल 3.2 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इस महा-अभियान के क्रियान्वयन के लिए शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) और जिला पंचायत (ZP) ने मिलकर बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। योजना के अनुसार, बेलगावी नगर निगम और विभिन्न नगर पालिकाओं सहित शहरी स्थानीय निकाय कुल दो लाख से अधिक पौधे लगाएंगे। वहीं दूसरी ओर, बेलगावी जिला पंचायत ने ग्रामीण क्षेत्रों में वनावरण को बढ़ाने के लिए अलग से 1.2 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। जिला पंचायत का सामाजिक वानिकी विभाग ग्रामीण अंचलों में लगभग 320 हेक्टेयर बंजर और खाली भूमि पर इन पौधों का रोपण करेगा। जापानी वनस्पतिशास्त्री डॉ. अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित इस तकनीक से बहुत ही कम जगह में बेहद घने और आत्मनिर्भर मिनी-जंगल तैयार किए जा सकते हैं। पारंपरिक वनों के मुकाबले मियावाकी पद्धति से लगाए गए पौधे बहुत तेजी से बढ़ते हैं और मात्र तीन साल के भीतर घने जंगल का रूप ले लेते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस अनूठी परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय जलवायु को ठंडा रखना, प्रदूषण कम करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत प्रति एकड़ लगभग 18,000 से 20,000 पौधे लगाए जा सकते हैं, जिसके लिए सरकार द्वारा प्रति एकड़ 14 लाख रुपये का अनुदान आवंटित किया गया है। इन मिनी जंगलों को विकसित करने के लिए पार्कों, सरकारी स्कूलों, कार्यालय परिसरों, खाली पड़ी जमीनों और एपीएमसी बाजार क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। पहले चरण में नीम, इमली, आम और अनार जैसी स्थानीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जा रही है जो ऑक्सीजन के स्तर को सुधारने में बेहद मददगार होते हैं। स्थानीय विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने जनता, स्कूली छात्रों और स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील की है कि वे ‘मेरा पौधा, मेरा पेड़’ के संकल्प के साथ इस अभियान को सफल बनाएं।
Source: Source