ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से मिलने की इच्छा जताई थी। अराघची ने इस संभावना को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों को वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा हालात में ऐसी मुलाकात की संभावना बेहद कम है। ट्रंप ने पहले दावा किया था कि ईरान से जुड़े महत्वपूर्ण वार्तालापों में खामेनेई की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह ईरानी सर्वोच्च नेता से मुलाकात करना चाहेंगे। ईरानी विदेश मंत्री ने इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत बताई। दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध बने हुए हैं। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रतिबंधों जैसे मुद्दों पर मतभेद लगातार बने हुए हैं। ट्रंप ने यह दावा भी किया था कि उनकी नीतियों से ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने में सफलता मिली है। हालांकि ईरान ने ऐसे दावों को स्वीकार नहीं किया है। इस बयानबाजी ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में अमेरिका और ईरान के संबंधों में बड़े बदलाव की संभावना सीमित दिखाई देती है। दोनों पक्षों के सार्वजनिक बयानों से फिलहाल किसी बड़े संवाद की संभावना स्पष्ट नहीं हो रही है।
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