पंजाब के लुधियाना में एक फैक्ट्री के भीतर सीवरेज लाइन की हाथ से सफाई (मैनुअल स्कैवेंजिंग) करने का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। इस दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 3 मासूम मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस गंभीर घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार किया है। देश की सर्वोच्च मानवाधिकार संस्था ने इस पूरी दुखद घटना पर खुद संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लेते हुए प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। आयोग ने सीधे पंजाब के मुख्य सचिव और लुधियाना के पुलिस कमिश्नर को कड़ा कानूनी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मानवाधिकार आयोग ने दोनों शीर्ष अधिकारियों को अगले दो हफ्ते (14 दिन) के भीतर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। आयोग का मानना है कि यदि मीडिया में आई खबरें सच हैं, तो यह सीधे तौर पर मानवाधिकारों का सबसे बड़ा और क्रूर उल्लंघन है। एनएचआरसी ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बिंदुवार और स्पष्ट जानकारी मांगी है। आयोग ने पुलिस से मामले में दोषी फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर और अब तक की गई कार्रवाई की स्थिति पूछी है। इसके साथ ही हादसे में गंभीर रूप से झुलसे और बेहोश हुए दोनों मजदूरों के वर्तमान स्वास्थ्य और उनके इलाज की जानकारी मांगी गई है। अंत में, आयोग ने मृतक और पीड़ित परिवारों को प्रशासन या सरकार की तरफ से दिए गए मुआवजे और आर्थिक राहत की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
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