हरियाणा के यमुनानगर में ‘मैदान 2.0’ ऑपरेशन के तहत जिला पुलिस ने एक बहुत बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शनिवार को लगभग 150 पुलिसकर्मियों की एक विशाल टीम ने थाना छप्पर क्षेत्र के संवेदनशील गांव सारण समेत कई अन्य इलाकों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना और उनके संदिग्ध ठिकानों की गहन तलाशी लेना था। जांच के दौरान पुलिस टीमों को गांव सारण के निवासी सुभाष के घर से 10 लाख 37 हजार 800 रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद हुई। इसके साथ ही पुलिस ने उसके घर से करीब 60 हजार रुपये मूल्य की बंद हो चुकी पुरानी करेंसी भी बरामद की है, जिसमें साल 2016 की नोटबंदी के दौरान प्रतिबंधित किए गए 500 और 1000 रुपये के नोट शामिल हैं। मामले का खुलासा करते हुए डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि आरोपी सुभाष पूरी तरह से बेरोजगार है और कोई वैध काम-धंधा नहीं करता है। पुलिस को पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी कि वह अवैध रूप से नशे के काले कारोबार से जुड़ा हुआ है और यह भारी रकम उसी अवैध धंधे से कमाई गई है। इस बड़े ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए करीब 10 अलग-अलग पुलिस टीमों ने एक साथ मोर्चा संभाला था। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बरामद की गई नकदी के मुख्य स्रोतों की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति नशे के अवैध कारोबार में लिप्त पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें; सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
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