पंजाब सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में आरोपी सौरव बिस्वास को पूछताछ के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने वापस तिहाड़ जेल भेज दिया है। चंडीगढ़ पुलिस आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी, जिसके बाद एक दिन के पुलिस रिमांड के दौरान उससे गहन पूछताछ की गई। जांच में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल का रहने वाला सौरव बिस्वास सस्ते दामों पर ईमेल आईडी खरीदता था और फिर उन्हें महंगे दामों पर आगे बेच देता था। शुरुआती जांच के मुताबिक आरोपी विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर ईमेल खातों का यह अवैध कारोबार करता था। इस मामले में सबसे पहले गुजरात पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद दिल्ली और चंडीगढ़ पुलिस भी उसे रिमांड पर ले चुकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब पंजाब पुलिस भी इस आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। पंजाब के कई सरकारी और निजी संस्थानों को मिली बम की धमकियों के मामलों में सुरक्षा एजेंसियां अब इस आरोपी के संभावित लिंक तलाश रही हैं। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों को कब्जे में लेकर साइबर विशेषज्ञों से जांच कराई है। पंजाब सिविल सचिवालय को धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हुई थीं, जिसके बाद तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को पकड़ा गया। पिछले कुछ समय में चंडीगढ़ के स्कूलों, पासपोर्ट कार्यालय, जिला अदालत और हाईकोर्ट सहित कई प्रमुख स्थानों को भी ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि पुलिस जांच के दौरान किसी भी स्थान से कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई और ये सभी मामले फर्जी या अफवाह साबित हुए हैं।
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