छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की खुर्सीपार थाना पुलिस ने कोयले के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने भारी मात्रा में चोरी का कोयला स्टोर करने और उसकी अवैध खरीद-बिक्री करने वाले मुख्य आरोपी कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया है। इस काले खेल का भंडाफोड़ तब हुआ जब पुलिस ने आरोपी के व्यापारिक प्रतिष्ठानों और स्टॉक यार्ड पर अचानक छापा मारा। जांच के दौरान जब पुलिस ने कोयले के मालिकाना हक और परिवहन से जुड़े कानूनी दस्तावेज मांगे, तो आरोपी घबरा गया। खुद को फंसता देख शातिर कारोबारी ने पुलिस टीम को गुमराह करने के लिए फर्जी जीएसटी (GST) बिल और जाली रसीदें पेश कीं। पुलिस की तकनीकी और बारीकी से की गई जांच में आरोपी द्वारा दिखाए गए सभी टैक्स इनवॉइस और बिल पूरी तरह फर्जी पाए गए। इसके बाद पुलिस ने अवैध रूप से डंप किए गए भारी मात्रा में चोरी के कोयले को मौके पर ही जब्त कर लिया। इस अवैध कारोबार से जुड़े वित्तीय धोखाधड़ी के पहलुओं को देखते हुए वाणिज्यिक कर और जीएसटी विभाग को भी सूचित कर दिया गया है। आरोपी लंबे समय से कोयला खदानों और परिवहन ट्रकों से चोरी होने वाले माल को सस्ते दामों पर खरीदकर ऊंचे दामों में बेच रहा था। वह इस अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए फर्जी कंपनियों के नाम पर कागजी हेरफेर और फर्जी बिलिंग का सहारा लेता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और चोरी का माल रखने की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर इस रैकेट में शामिल अन्य सफेदपोश कारोबारियों और खदान कर्मियों की तलाश में जुट गई है।
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