छत्तीसगढ़ में नदियों के प्रदूषण और शराब फैक्ट्रियों से निकल रहे जहरीले अपशिष्ट जल के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस गंभीर पर्यावरणीय मुद्दे पर विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया जाएगा, जो संबंधित फैक्ट्रियों की स्थिति और उनके अपशिष्ट प्रबंधन की जांच करेगा। अदालत ने पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर चिंता जताई है। प्रदूषण के कारण नदियों के जल स्रोत प्रभावित होने की बात सामने आई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रशासनिक एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। अदालत ने सुनिश्चित करने को कहा है कि नियमों का पालन सख्ती से किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को निर्धारित की गई है। तब तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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