सक्ती जिले के तांदुलडीह में तंत्र साधना के नाम पर दो सगे भाइयों की हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने लगभग डेढ़ साल बाद फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार शिवहरे की अदालत ने मृतकों की मां फिरीतबाई सिदार, बहन अमरिका सिदार, चंद्रिका सिदार और भाई विशाल सिदार को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसे न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। मामला बाराद्वार थाना क्षेत्र का है, जहां अक्टूबर 2024 में दो युवकों की संदिग्ध मौत हुई थी। जांच में सामने आया कि परिवार लंबे समय से कथित तंत्र साधना और अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था। पुलिस के अनुसार, दोनों मृतक भाई इन गतिविधियों का विरोध करते थे, जिससे पारिवारिक तनाव बढ़ा। घटना के दिन पूजा-पाठ और साधना के दौरान दोनों भाइयों की मौत हो गई थी। जांच में मौके से पूजा सामग्री, हवन सामग्री और अन्य वस्तुएं बरामद हुई थीं। एफएसएल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी माना। अदालत ने कहा कि यह अपराध परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से पूरी तरह सिद्ध होता है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
Source: Source