दिल्ली के मालवीय नगर में हालिया अग्निकांड के बाद एक बार फिर फायर एनओसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हर बड़े हादसे के बाद यह मुद्दा चर्चा में आता है कि अस्पतालों और होटलों में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं होता। फायर एनओसी यानी फायर सेफ्टी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट एक अनिवार्य अनुमति है, जो यह सुनिश्चित करती है कि भवन में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम हैं। इसमें फायर अलार्म, आपातकालीन निकास, पानी की व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच शामिल होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार निर्माण और संचालन के दौरान इन नियमों की अनदेखी की जाती है। हादसे के बाद जांच और कार्रवाई की बात होती है, लेकिन स्थायी सुधार नहीं दिखता। इस घटना ने एक बार फिर शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक निगरानी और नियमों के सख्त पालन की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
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