उद्यमी और लेखक अंकुर वारिकू की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने लाखों लोगों को भावुक कर दिया है। उन्होंने अपनी 73 वर्षीय मां की एक दैनिक आदत के बारे में लिखा, जो वर्षों से उनके जीवन का हिस्सा रही है। वारिकू के अनुसार, उनकी मां पिछले 46 वर्षों से लगभग हर दिन उनसे पूछती हैं कि उन्होंने दोपहर का भोजन किया या नहीं। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले यह सवाल उन्हें कभी-कभी परेशान करने वाला लगता था। लेकिन समय के साथ उन्होंने इस आदत के पीछे छिपे स्नेह और चिंता को समझा। अब वह इसे मां के निस्वार्थ प्रेम की अभिव्यक्ति के रूप में देखते हैं। उनकी पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने अपने माता-पिता से जुड़ी ऐसी ही भावनात्मक यादें साझा कीं। उपयोगकर्ताओं ने बताया कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातें अक्सर गहरे प्रेम और अपनत्व का प्रतीक होती हैं। पोस्ट ने माता-पिता और बच्चों के रिश्तों पर एक सकारात्मक चर्चा को जन्म दिया। लोगों ने कहा कि समय बीतने के साथ ऐसी आदतों का महत्व और अधिक महसूस होता है। यह कहानी परिवार, स्नेह और रिश्तों में छिपी भावनाओं की याद दिलाती है।
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