35 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाले बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि मलिक ने स्विस परिवारों की पालन-पोषण शैली से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। उनके अनुसार, स्विट्जरलैंड में बच्चों को कम उम्र से ही आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे उनमें आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। डॉ. मलिक ने बताया कि वहां बच्चों को सार्वजनिक रूप से डांटने से बचा जाता है। इसके बजाय सम्मानजनक संवाद और सकारात्मक मार्गदर्शन को प्राथमिकता दी जाती है। यह तरीका बच्चों के आत्मसम्मान को बनाए रखने में मदद करता है। स्विस परिवार बच्चों के बाहरी खेल और शारीरिक गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान देते हैं। बच्चों को प्रतिदिन कम से कम दो घंटे खुले वातावरण में खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को लाभ मिलता है। विशेषज्ञ का मानना है कि इन आदतों से बच्चों में स्वतंत्र सोच और बेहतर सामाजिक कौशल विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की पालन-पोषण शैली को ज्यों का त्यों अपनाने के बजाय उसके मूल्यों को समझना अधिक महत्वपूर्ण है। भारतीय माता-पिता भी इन सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर बच्चों के समग्र विकास में सहायता कर सकते हैं।
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