लोग आजकल परंपरागत शादी के विकल्प या उसके बाद भी कोर्ट मैरिज कर रहे हैं, लेकिन कई लोगों को इसकी प्रक्रिया और खर्च के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती। एक वकील के अनुसार, कोर्ट मैरिज में खर्च बहुत ही न्यूनतम होता है और यह काफी सरल प्रक्रिया है। कोर्ट मैरिज के लिए सबसे पहले नोटिस ऑफ इंटेंट मैरिज (Form A) जमा करना होता है, जिसकी फीस लगभग 100-500 रुपये होती है। इसके बाद 30 दिनों की अवधि में किसी आपत्ति की प्रतीक्षा की जाती है, जिसके बाद शादी रजिस्टर की जा सकती है। अंतिम दिन रजिस्ट्रार के समक्ष दोनों पक्ष, तीन गवाह और मैरिज रजिस्ट्रेशन फॉर्म जरूरी होते हैं। पूरी प्रक्रिया के लिए कुल खर्च 1000 से 5000 रुपये के बीच हो सकता है, जो राज्य और रजिस्ट्रार शुल्क पर निर्भर करता है। वकील ने बताया कि अगर कोई स्पेशल मैरिज एक्ट (1954) के तहत शादी करता है, तो कुल खर्च भी इसी सीमा में रहता है। अलग से वकील फीस अलग-अलग हो सकती है, लेकिन अनिवार्य नहीं है। कोर्ट मैरिज के लिए दोनों पक्षों की उम्र लड़के के लिए 21 और लड़की के लिए 18 साल होनी चाहिए। यह प्रक्रिया कानूनी तौर पर पूरी तरह से वैध और मान्य होती है। इस तरह लोग कम खर्च में अपनी शादी को कानूनी मान्यता दिला सकते हैं।
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