पंजाब भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के सामने संगठन को मजबूत करने की बड़ी चुनौती खड़ी है, खासकर उनके गृह जिले बरनाला में जहां पार्टी कमजोर स्थिति में है। विधानसभा चुनाव से पहले कम समय को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने उन पर बड़ा भरोसा जताया है, जबकि कई वरिष्ठ और स्थापित नेताओं को फिलहाल जिम्मेदारी से दूर रखा गया है। बरनाला में भाजपा लंबे समय से गुटबाजी और आंतरिक मतभेदों का सामना कर रही है, जिसके चलते कई पुराने नेता पार्टी छोड़कर अन्य दलों में शामिल हो चुके हैं। हाल के लोकल बॉडी चुनावों में भी पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा, जहां कई सीटों पर उम्मीदवार तक नहीं उतारे जा सके और वोट शेयर 10 प्रतिशत से भी कम रहा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार जिले में भाजपा की जमीनी पकड़ कमजोर है और संगठनात्मक ढांचा बिखरा हुआ है। केवल सिंह ढिल्लों के सामने सबसे बड़ी चुनौती रूठे हुए नेताओं को वापस जोड़ने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की है। विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें जमीनी स्तर पर लगातार सक्रिय रहना होगा। पार्टी को आप, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों से मुकाबला करने के लिए मजबूत रणनीति की जरूरत है। यह कार्यकाल उनके लिए राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Source: Source