धर्मशाला स्थित निर्वासित तिब्बती सरकार की 18वीं तिब्बती संसद के सदस्यों ने शपथ ली है। इस ऐतिहासिक अवसर पर डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग को संसद की पहली महिला अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने खेनपो सोनम तेनफेल को मात्र दो वोटों से हराया। वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए खेनपो सोनम तेनफेल निर्वाचित हुए। शपथ ग्रहण समारोह तिब्बती परंपरा के अनुसार संसद भवन में संपन्न हुआ। तिब्बती सर्वोच्च न्याय आयोग की मुख्य न्यायाधीश येशी वांगमो ने वरिष्ठतम सांसद दावा त्सेरिंग को अंतरिम अध्यक्ष पद की शपथ दिलाई। बाद में अंतरिम अध्यक्ष ने सभी नवनिर्वाचित और मौजूदा सांसदों को शपथ दिलाई। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए गुप्त मतदान हुआ, जिसमें तीन मतपत्र अमान्य रहे। 45 सदस्यों वाली इस संसद में 17 नए और 28 पुराने सांसद हैं। लगभग 38 फीसदी नए चेहरे युवा प्रतिनिधित्व में वृद्धि दिखाते हैं। हालांकि, महिला प्रतिनिधित्व अब भी कमजोर है और केवल 9 महिला सांसद ही चुनकर आ सकी हैं। संसद में तिब्बत के तीन पारंपरिक प्रांतों से 10-10 प्रतिनिधि हैं। इसके अलावा बौद्ध संप्रदायों और बोन परंपरा से भी प्रतिनिधि शामिल हैं। उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और एशिया क्षेत्र से भी सदस्यों को स्थान दिया गया है। नई संसद के गठन को निर्वासित तिब्बती राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
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