यूनाइटेड किंगडम ने अमेरिकी मूल के दो प्रमुख प्रो-फिलिस्तीनी टिप्पणीकारों हसन पिकर और सेन्क उयगुर को देश में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया है। ब्रिटिश गृह विभाग ने यह फैसला ‘सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा’ के आधार पर किया है। दोनों टिप्पणीकार सोशल मीडिया और अपने टॉक शो के माध्यम से गाजा युद्ध के दौरान फिलिस्तीनी पक्ष की आवाज़ उठाने के लिए जाने जाते हैं। ब्रिटेन सरकार का आरोप है कि उनकी टिप्पणियों से सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है और यहूदी विरोधी भावनाओं को बढ़ावा मिल सकता है। हालाँकि, दोनों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। प्रतिबंध के बाद हसन पिकर ने ट्वीट किया, ‘ब्रिटेन ने अपनी आवाज़ बेच दी है।’ सेन्क उयगुर ने इसे ‘लोकतंत्र के लिए काला दिन’ करार दिया। मानवाधिकार संगठनों ने ब्रिटेन के इस कदम की निंदा की है। यह विवाद ब्रिटेन में फिलिस्तीन मुद्दे को लेकर बढ़ती सेंसरशिप की बहस को और हवा देगा।
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