भारत के सर्वोच्च न्यायालय में पाँच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई है, जिससे न्यायाधीशों की कुल संख्या अब 37 हो गई है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने इन नवनियुक्त जजों को पद की शपथ दिलाई। इन पाँच जजों में दो महिला न्यायाधीश भी शामिल हैं, जो उच्चतम न्यायपालिका में लैंगिक विविधता लाएंगी। न्यायालय पर लंबित लाखों मामलों के त्वरित निस्तारण की उम्मीद जगी है। अधिक जज होने से अतिरिक्त बेंचों का गठन संभव हो सकेगा। न्याय मंत्रालय ने इसे न्याय वितरण प्रणाली में सुधार की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया है। अब सुप्रीम कोर्ट अपनी पूरी अधिकृत संख्या के लगभग बराबर पहुँच गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे प्रत्येक बेंच पर मामलों का दबाव कम होगा। जनता को समय पर और सस्ता न्याय मिलने की राह आसान होगी। यह नियुक्ति न्यायपालिका की चुनौतियों से निपटने का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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