देशभर में 1 अप्रैल से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2026 लागू हो चुका है। नियम के अनुसार गीला, सूखा, घरेलू खतरनाक और सैनिटरी कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाना अनिवार्य है। हालांकि रायपुर में अभी केवल गीले और सूखे कचरे का ही पृथक संग्रहण हो रहा है। नगर निगम की अधिकांश कचरा संग्रहण गाड़ियों में केवल दो चैंबर हैं, जबकि नए नियम के लिए चार चैंबर आवश्यक हैं। इसी वजह से नियमों का पूर्ण पालन नहीं हो पा रहा है। शहर के कई घरों से अब भी मिश्रित कचरा निकल रहा है। इससे सफाई कर्मचारियों को बाद में कचरे की छंटाई करनी पड़ती है। वर्तमान में 250 से अधिक वाहनों के जरिए प्रतिदिन 600 टन से ज्यादा कचरा एकत्र किया जाता है। कचरा संग्रहण कार्य में 450 से अधिक कर्मचारी लगे हुए हैं। कर्मचारियों को नए नियमों के अनुरूप प्रशिक्षण और वाहनों में जरूरी बदलाव अभी बाकी हैं। निगम का अनुमान है कि व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने में करीब छह महीने लग सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जागरूकता अभियान पर जोर दिया जा रहा है। नियमों का पालन नहीं होने से कचरा प्रबंधन की लागत बढ़ सकती है और रिसाइक्लिंग प्रभावित हो सकती है। साथ ही पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ने की आशंका जताई गई है। निगम ने संसाधनों के विकास के बाद नियमों को सख्ती से लागू करने का दावा किया है।
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