यूनान के प्रवासन मंत्री ने हाल ही में कहा कि एथेंस (Athens) का ‘हार्डकोर इस्लाम’ (कट्टरपंथी इस्लाम) के साथ कोई साझा मूल्य नहीं है। इस बयान के बाद यूनान ने सीरियाई और अफगान शरणार्थियों के मामलों (asylum cases) की फिर से जांच शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि वह उन शरणार्थियों को वापस उनके देशों में भेजने की संभावना तलाश रही है, जिनका केस पहले खारिज हो चुका था। यह कदम उन लोगों पर केंद्रित होगा जिन्हें सुरक्षा जोखिम माना जाता है। मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले की आलोचना की है और इसे असंवैधानिक बताया है। यूरोपीय संघ ने भी इस मामले पर चिंता व्यक्त की है। यूनान का दावा है कि वह वापसी की प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी तरीके से करेगा। फिलहाल, इस नीति से हजारों शरणार्थी प्रभावित हो सकते हैं।
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