बिहार के मोतिहारी जिले के हसनाबाद गांव में एक अनोखी घटना घटी। रविवार रात जनगणना के लिए पहुंचे कर्मियों को ग्रामीणों ने चोर समझ लिया। ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर उनके पीछे दौड़ पड़े। जनगणना कर्मी मुश्किल से अपनी जान बचाकर भागे। ग्रामीणों का कहना है कि रात 10 बजे लोगों को जगाकर जानकारी मांगी गई। इस असमय सर्वेक्षण से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और जल्दबाजी में खानापूर्ति का आरोप लगाया। वहीं, जनगणना टीम का तर्क है कि पहले से तैनात कर्मियों की लापरवाही के कारण अतिरिक्त टीम को देर रात भेजा गया था। उनका कहना है कि उन्हें समय सीमा में सर्वेक्षण पूरा करना था। ग्रामीणों और कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझौते के लिए प्रेरित किया। इस घटना के बाद जनगणना प्रक्रिया को लेकर नियमों में बदलाव की मांग उठने लगी है। प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
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