दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अमित शर्मा ने सोमवार (1 जून) को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश के मामले में आरोपी और आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। यह याचिका निचली अदालत के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें 29 जनवरी, 2026 को हुसैन की दूसरी नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया था। हुसैन पर दंगों को भड़काने की साजिश रचने और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या में संलिप्तता का आरोप है। जस्टिस अमित शर्मा ने बिना कोई कारण बताए सुनवाई से हटने का फैसला लिया। अब मामले की अगली सुनवाई 10 जून को दूसरी अवकाशकालीन पीठ (वेकेशन बेंच) द्वारा की जाएगी। इससे पहले जनवरी 2026 में भी हुसैन की नियमित जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी। मार्च 2026 में हाईकोर्ट ने हर्निया सर्जरी के लिए उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। हुसैन इस मामले में पांच साल से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में हैं। वह दिल्ली दंगों से जुड़ी बड़ी साजिश के एक मामले में नामजद आरोपियों में से एक हैं। फरवरी 2020 में हुए सांप्रदायिक दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। हुसैन सहित इस मामले में उमर खालिद सहित कुल 20 लोग आरोपी हैं।
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