क्यूबा (Cuba) में हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। अगर यह देश ढह गया, तो इसके परिणाम अमेरिका (USA) को भी भुगतने पड़ सकते हैं। क्यूबा में इस समय भयंकर बिजली कटौती (power cuts), रोटी और ईंधन के लिए लंबी कतारें (long queues) हैं। सरकारी दुकानें लगभग खाली हैं, सड़कों पर कूड़े के पहाड़ हैं और विदेशी पर्यटक नहीं के बराबर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी प्रतिबंधों (US sanctions) और अंतरराष्ट्रीय अलगाव ने क्यूबा की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। कोविड के बाद पर्यटन में गिरावट और वैश्विक मंदी ने हालात और बदतर कर दिए हैं। यदि क्यूबा ढहता है, तो शरणार्थियों की बाढ़ (refugee crisis) अमेरिका के लिए मुसीबत बन सकती है। इसके अलावा, क्यूबा में रूस और चीन की बढ़ती मौजूदगी अमेरिका के लिए रणनीतिक चिंता का विषय है। फिलहाल, क्यूबा सरकार राशनिंग व्यवस्था चला रही है, लेकिन स्थिति चरम पर है।
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