छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की अतिरिक्त सत्र अदालत (Additional Sessions Court) ने सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा गांव में 2022 में हुए एक जानलेवा हमले के मामले में दो आरोपियों को बरी (acquitted) कर दिया है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पुलिस की कहानी अदालत में ढह गई। मामले में गवाहों (witnesses) ने आरोपियों की पहचान करने से साफ इनकार कर दिया। जस्टिस आदित्य जोशी की अदालत ने रोशन घृतलहरे और राजकुमार मिरी को दोष साबित न होने के कारण रिहा कर दिया। पुलिस ने दावा किया था कि इन आरोपियों ने हमले में हिस्सा लिया था, लेकिन अदालत में यह साबित नहीं हो सका। फोरेंसिक सबूत (forensic evidence) भी कमजोर पाए गए। इस फैसले ने पुलिस जांच (police investigation) की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभियोजन पक्ष ने जांच की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया है। आरोपियों की ओर से वकील ने कहा कि यह सही सबूत न होने के कारण सही फैसला है।
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