जापान के तथाकथित सबसे पुराने मानव जीवाश्म ‘उशिकावा मैन’ को दशकों के अध्ययन के बाद अब भालू की हड्डी घोषित कर दिया गया है। यह चौंकाने वाला खुलासा अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक से हुआ है। इस खोज ने जापानी द्वीपों पर मानव अस्तित्व की समयरेखा को पूरी तरह से बदल दिया है। अब सबसे पुराने पुष्ट मानव अवशेष केवल 14,000 से 18,000 साल पुराने हैं। इससे पहले वैज्ञानिक लंबे समय से ‘उशिकावा मैन’ को जापान का पहला मानव मानते आ रहे थे। अब नए सबूतों ने साबित किया है कि यह पूरी तरह गलत था। यह खोज पुरातत्व जगत के लिए एक बड़ा झटका है। शोधकर्ताओं ने कहा कि अब जापान के पहले निवासियों के बारे में पूरी तरह नए सिरे से अध्ययन करना होगा। यह घटना बताती है कि पुरानी खोजों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दोबारा परखना कितना महत्वपूर्ण है।
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