सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सशस्त्र सेना न्यायाधिकरण (AFT) में रिक्तियों को तुरंत भरने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सेवारत सदस्य तब तक पद पर बने रहेंगे जब तक नए सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो जाती। इस कदम का उद्देश्य न्यायिक पीठों की संख्या में भारी कमी को रोकना है, जिससे सेना के जवानों को न्याय मिल सके। सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2026 तक सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों का कार्यकाल बढ़ा दिया। AFT बार एसोसिएशन ने लंबित रिक्तियों को समयबद्ध तरीके से भरने की याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र से जवाब तलब किया है। एसोसिएशन का कहना है कि रिक्तियों के चलते AFT की कई पीठें ठप पड़ी हैं। इससे सेना के जवानों और उनके परिवारों को काफी परेशानी हो रही है। कोर्ट ने केंद्र से जल्द से जल्द इस दिशा में कदम उठाने को कहा है।
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