छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें अब आधार कार्ड का मिसयूज कर ठगी हो रही है। ठगों को न तो ओटीपी चाहिए और न ही बैंक डिटेल। हाल के मामलों में अकाउंटेंट से 16 लाख, एक नागरिक से 73 हजार और भाजपा विधायक से 10 हजार रुपये की ठगी हुई। एक रिटायर्ड डॉक्टर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके भी ठगा गया। जनवरी 2024 से जून 2025 के बीच प्रदेश में 1301 मामले दर्ज हुए, जिसमें 107 करोड़ का नुकसान हुआ। एनसीआरपी पोर्टल पर 67,389 शिकायतें मिलीं, ठगी की राशि 791 करोड़ रुपये है। रायपुर पुलिस ने 101 म्यूल अकाउंट धारकों को गिरफ्तार किया। 50 करोड़ की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भी भंडाफोड़ हुआ। ठग फेसबुक, वॉट्सऐप, क्रिप्टो निवेश, नौकरी, पुलिस या बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठग रहे हैं। पुलिस कमिश्नर ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करने की अपील की है।
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