पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्कूली शिक्षा में एक बड़ा बदलाव किया है। अब पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में समान अंक पाने वाले सभी छात्र संयुक्त टॉपर माने जाएंगे। उम्र के आधार पर रैंकिंग नहीं की जाएगी। इस फैसले से हजारों छात्रों को राहत मिलेगी। नई व्यवस्था से प्रतिस्पर्धा अधिक न्यायसंगत होगी। इस कदम से छात्रों पर उम्र को लेकर दबाव कम होगा। शिक्षा विशेषज्ञों ने इस निर्णय की सराहना की है। मान सरकार का कहना है कि इससे प्रतिभा को सही पहचान मिलेगी। यह फैसला परीक्षा परिणाम में उम्र के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करेगा। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड इसे तुरंत लागू करेगा।
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