चंडीगढ़ नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करने वाले संपत्ति मालिकों के खिलाफ 1 जून से सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। 31 मई तक लागू टैक्स छूट योजना समाप्त होने के बाद अब बकायेदारों को अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ेगा। नगर निगम के अनुसार, अब बकाया टैक्स पर 25 प्रतिशत पेनल्टी के साथ 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। रिहायशी संपत्तियों पर मिलने वाली 20 प्रतिशत और व्यावसायिक संपत्तियों पर 10 प्रतिशत की छूट भी समाप्त हो गई है। निगम ने बताया कि 1 अप्रैल से 31 मई तक चली छूट योजना के दौरान लगभग 65 हजार करदाताओं ने टैक्स जमा किया। इस अवधि में करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके बावजूद बड़ी संख्या में संपत्ति मालिकों ने अभी तक अपना टैक्स जमा नहीं कराया है। नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष में प्रॉपर्टी टैक्स से 90 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्य हासिल करने के लिए बकायेदारों के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी। सबसे पहले 50 हजार रुपये से अधिक बकाया रखने वाले करदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे। इसके बाद 30 हजार और 20 हजार रुपये से अधिक बकाया वाले मामलों पर कार्रवाई होगी। शहर में कुल लगभग 1.42 लाख करदाता हैं, जिनमें रिहायशी और व्यावसायिक दोनों प्रकार की संपत्तियां शामिल हैं। पिछले वर्ष भी निगम ने कई मामलों में पानी के कनेक्शन काटने और संपत्तियां अटैच करने जैसी कार्रवाई की थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम के राजस्व का प्रमुख स्रोत है और नियमों के तहत सख्त वसूली अभियान जारी रहेगा।
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