बिलासपुर के कोनी स्थित गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) के केमिस्ट्री विभाग की एक शोध छात्रा ने परिसर की लैब में ही अज्ञात केमिकल पाउडर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिससे कैंपस में हड़कंप मच गया। सरगुजा की रहने वाली इस छात्रा को बेहद नाजुक हालत में तुरंत सरकंडा के प्रथम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टर उसकी जान बचाने में जुटे हैं। घटना के बाद अस्पताल में छात्रों का भारी हंगामा हुआ, उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जांच की मांग उठाई। छात्रों का आरोप है कि शोध के दौरान छात्रा पर अत्यधिक मानसिक दबाव डाला जा रहा था, जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया। अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही और शोध छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। सूचना पाकर मौके पर पुलिस बल पहुंच गया और स्थिति को नियंत्रण में किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना की जांच के लिए आंतरिक समिति गठित करने की बात कही है, जबकि पुलिस ने अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रा ने लैब में अकेले रहते हुए केमिकल पाउडर निगल लिया और जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो चीख-पुकार मच गई। साथी छात्रों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुँचाया, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। अस्पताल में हंगामे के कारण अन्य मरीजों को भी परेशानी हुई और सुरक्षा कर्मियों को भीड़ को हटाने में मशक्कत करनी पड़ी। विश्वविद्यालय में पिछले कुछ समय से शोधार्थियों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति चल रही थी, और यह घटना सबके सामने आ गई। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शोध छात्रों के बढ़ते तनाव और अवसाद पर चिंता जताई है। फिलहाल छात्रा का इलाज जारी है, और उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अस्पताल में हंगामे के बाद छात्रों ने कैंपस वापस जाकर प्रदर्शन जारी रखा, जिससे परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
Source: Source