कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा से ट्रांसपोर्टर कुलदीप सिंह उर्फ दीपू (38) 30 अप्रैल को लापता हुए थे, और एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिवार अब भी उनकी तलाश कर रहा है और उनके घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठा है। कुलदीप के भाई संजीव कुमार ने बताया कि वे उनके दोनों मोबाइल नंबरों पर लगातार कॉल कर रहे हैं, लेकिन एक नंबर की सर्विस बंद हो चुकी है और दूसरा नंबर भी बंद आ रहा है। परिवार पुलिस से संपर्क कर रहा है, लेकिन पुलिस केवल ‘तलाश कर रही है’ कहकर टालमटोल कर रही है, कोई ठोस मदद नहीं मिली है। कुलदीप शादीशुदा है और अपने माता-पिता के साथ रहता है; उसकी पत्नी, 16 वर्षीय बेटी वंशिका, 14 वर्षीय हर्षिका और 10 वर्षीय बेटा खुशविंद्र उसकी अनुपस्थिति में बेहद परेशान हैं। परिवार नहर के आसपास भी कुलदीप को ढूंढ रहा है, जहां से उसकी बाइक मिली थी। संजीव के अनुसार, कुलदीप पिछले दस साल से पिहोवा की अनाज मंडी में एक ट्रांसपोर्टर के साथ काम कर रहा था और पूरे ट्रांसपोर्ट का काम अकेले ही संभालता था। परिवार ने आरोप लगाया कि उसी ट्रांसपोर्टर ने धोखे से कुलदीप का मकान अपने नाम करवा लिया। लापता होने से पहले कुलदीप ने अपने भाई के मोबाइल पर चार वीडियो भेजे थे, जिसमें उसने ट्रांसपोर्टर समेत कई लोगों पर पैसे के लेन-देन और धोखाधड़ी के आरोप लगाए। कुलदीप ने अपने घर के सोने-चांदी के जेवर गिरवी रखकर उस ट्रांसपोर्टर को लगभग 23 लाख रुपए दिए थे। इसके अलावा, प्रवीन नाम के व्यक्ति पर 16-17 लाख और कैथल के चीका के एक चावल एजेंट पर 8-9 लाख रुपए की लेन-देन की बात भी वीडियो में सामने आई है। कुलदीप ने यह भी बताया कि ट्रांसपोर्टर पैसे लेने के बाद भी उसका मकान खाली करवाने और सामान बाहर फेंकने की धमकियां दे रहा था, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। परिवार को उम्मीद है कि कुलदीप जल्द वापस आएगा, लेकिन बढ़ती चिंता के बीच पुलिस की निष्क्रियता से वे निराश हैं।
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