हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में नगर निगम कार्यालय के पास सरेआम वन संपदा नष्ट की जा रही है। यह गतिविधि कमिश्नर, ट्री ऑफिसर और एसडीओ के कमरों की खिड़कियों से साफ दिखती है, लेकिन कोई रोकथाम नहीं हो रही। अधिकारियों के बयानों में बड़ा विरोधाभास सामने आया है। ट्री ऑफिसर तनवी गुप्ता ने कहा कि यह घोषित स्थल है, लेकिन वन संपदा को नुकसान हो रहा है। वहीं एसडीओ जोगिंदर सिंह ने बताया कि पार्क निर्माण के लिए मिट्टी डाली जा रही है। इससे धर्मशाला की जीवनरेखा ‘चरान खड्ड’ पर संकट पैदा हो गया है। खड्ड के किनारे भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा फेंका जा रहा है। मानसून से पहले यह डंपिंग निचले गांवों के लिए टाइम बम बन गई है। इससे बाढ़ और भूस्खलन का गंभीर खतरा है। यहां 7.54 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट (इंडोर स्पोर्ट्स, म्यूजिकल थीम पार्क, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स) के पास पर्यावरण नियम ताक पर रखे गए हैं। इस प्रोजेक्ट की नींव 21 जनवरी 2019 को तत्कालीन सीएम जयराम ठाकुर ने रखी थी। अब पर्यावरणविद् पवन पुरोहित हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने के लिए सैटेलाइट इमेज और वीडियो सबूत जुटा रहे हैं।
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