क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी डिजिटल मुद्रा है जिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता। इसी वजह से यह ठगी का आसान जरिया बन गई है। मुंबई में ठगों ने सात लोगों को मोटा मुनाफा दिखाकर क्रिप्टो में निवेश करवाया। पीड़ितों ने कुल एक करोड़ इक्यासठ लाख रुपये से अधिक की रकम जमा करा दी। बाद में न तो कोई रिटर्न मिला और न ही मूलधन लौटा। ठगों ने नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और वेबसाइट बनाकर लोगों को भरोसे में लिया। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि आरोपी अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से कुछ खातों को फ्रीज किया है। अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। विशेषज्ञों ने नियमित निगरानी वाली संस्थाओं से ही निवेश की सलाह दी है। लोगों को बिना जांचे-परखे क्रिप्टो योजनाओं में पैसा नहीं लगाना चाहिए।
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