छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में तांदुला जलाशय के जुर्रीपारा क्षेत्र में भारी मात्रा में कचरा फैल गया है। जलाशय का जलस्तर घटते ही वहां कांच की बोतलें, डिस्पोजल सामग्री, प्लास्टिक झिल्ली और अन्य कचरे का अंबार दिखाई देने लगा है। पिकनिक मनाने आने वाले लोग खाने-पीने के बाद उपयोग की गई सामग्री को वहीं फेंक देते हैं, जिससे जलाशय का क्षेत्र बुरी तरह प्रदूषित हो रहा है। पानी कम होने पर यह कचरा खुले रूप में दिखाई देने लगा, जो पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शिकायत की है कि इससे जलाशय का पानी और आसपास की मिट्टी दूषित हो रही है। पर्यावरणविदों के अनुसार, प्लास्टिक कचरा सड़ने में सैकड़ों साल लगते हैं और इससे जलीय जीवों को भारी नुकसान होता है। प्रशासन ने कचरा साफ करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय निवासियों ने जलाशय की सुरक्षा और सफाई के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने की मांग की है।
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