छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के खरेंगा गांव में अवैध रेत खनन ने लोगों की आस्था को चोट पहुंचाई है। यहां महानदी किनारे स्थित श्मशान घाट की 6-7 फीट गहरी कब्रों को खोद डाला गया, जिससे 10 मानव कंकाल बाहर आ गए। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन ने कंकालों को तो दोबारा दफना दिया, लेकिन अब किसी को पता नहीं कि उनके अपने कहां दफनाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि 10 कंकाल मिलने के बाद भी उसी रात फिर से रेत खनन किया गया। एक बुजुर्ग महिला देवला बाई ने कहा कि अब उन्हें मौत से नहीं, बल्कि इस बात का डर है कि मरने के बाद उनकी कब्र भी न खोद दी जाए। पंच लोकेश्वरी साहू की सास का कंकाल साड़ी से पहचाना गया, लेकिन अब उनका पुन: दफन स्थान अज्ञात है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया पिछले लंबे समय से यहां खनन कर रहे हैं और युवाओं को मजदूर बनाकर उनसे ट्रैक्टर चलवाते हैं। कई बार शिकायत और मुनादी कराने के बावजूद अवैध खनन नहीं रुका। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने 5 ट्रैक्टर जब्त कर माइनिंग इंस्पेक्टर को नोटिस जारी किया है। लेकिन ग्रामीणों का सबसे बड़ा दर्द यह है कि उनके पूर्वजों की कब्रों की पहचान हमेशा के लिए मिट गई है।
Source: Source