अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 1 अरब डॉलर मूल्य के क्रिप्टो फंड जब्त किए हैं। इस कदम को ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक आर्थिक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधों के उल्लंघन और वित्तीय गतिविधियों पर निगरानी को और सख्त किया जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि आर्थिक प्रतिबंधों का असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, वित्तीय दबाव और अन्य रणनीतिक कदमों ने ईरान की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया है। अमेरिका का दावा है कि इन उपायों का उद्देश्य ईरान की वित्तीय क्षमताओं को सीमित करना है। क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से होने वाले लेन-देन पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है। इस कार्रवाई को अमेरिका की प्रतिबंध नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस कदम पर नजर रखी जा रही है। ईरान की ओर से इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। फिलहाल अमेरिका आर्थिक और वित्तीय मोर्चे पर दबाव बनाए रखने की रणनीति पर आगे बढ़ता दिख रहा है।
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