इंडिगो एयरलाइन ने साफ कर दिया है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त बोझ यात्रियों पर ही डाला जाएगा। एयरलाइन का कहना है कि बढ़ते नुकसान को देखते हुए किराया बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इंडिगो लगातार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की ऊंची कीमतों से जूझ रही है। हालिया तिमाही में कंपनी का घाटा और गहराया है। ऐसे में प्रबंधन ने फैसला किया है कि फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर इसकी भरपाई की जाएगी। इससे आने वाले दिनों में टिकटों के दाम बढ़ने की संभावना है। इंडिगो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम अपने परिचालन खर्च को किराए में शामिल करने को मजबूर हैं। एयरलाइन का मानना है कि बाजार की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए धीरे-धीरे मूल्य वृद्धि की जाएगी। हालांकि, इससे यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, अन्य एयरलाइन भी जल्द ही इस रास्ते पर चल सकती हैं। बढ़ते किराए का असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के यात्रियों पर अधिक पड़ेगा। इंडिगो पिछले कुछ समय से लागत में कटौती के प्रयास कर रही थी, लेकिन ईंधन की कीमतें नियंत्रण से बाहर हो गई हैं। अब कंपनी ने यह कठिन निर्णय लिया है। यात्री संगठनों ने इस फैसले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बार-बार किराया बढ़ने से आम आदमी हवाई सफर से दूर हो जाएगा। इंडिगो के इस फैसले से एविएशन सेक्टर में मूल्य युद्ध थमने के संकेत हैं।
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