केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है। बोर्ड अब 2027 से परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां ऑनलाइन अपलोड करेगा। इस कदम का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। छात्रों को अब अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल कॉपियां आसानी से देखने को मिलेंगी। इससे वे अपने अंकों के वितरण और जांच प्रक्रिया को समझ सकेंगे। बोर्ड ने कहा कि सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए यह कार्य किया जाएगा। प्रत्येक छात्र को लगभग 4 लाख स्कैन किए गए उत्तर पुस्तिका पन्नों को संभालने की क्षमता वाले प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा। यह पहल छात्रों और अभिभावकों के बीच लंबे समय से उठ रहे अंक विसंगति और मूल्यांकन त्रुटियों के मुद्दों को दूर करेगी। छात्र अब अपनी उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त कर सकेंगे और यदि कोई त्रुटि होगी तो पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे। सीबीएसई पहले भी डिजिटल परीक्षाओं और ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं दे चुका है। नई प्रणाली के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करने के बाद वे डिजिटल रूप से सुरक्षित रखी जाएंगी। बोर्ड का कहना है कि इससे मूल्यांकन में सुसंगतता बनी रहेगी और पेपर जांचने वालों पर दबाव कम होगा। शिक्षाविदों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे समय की मांग बताया है। हालांकि, स्कैनिंग और अपलोडिंग की प्रक्रिया में साइबर सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं जताई गई हैं। सीबीएसई ने आश्वासन दिया है कि सभी डेटा एन्क्रिप्टेड और गोपनीय रखा जाएगा। यह परिवर्तन 2027 की बोर्ड परीक्षाओं से लागू होगा। इससे पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुनिंदा स्कूलों में व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। छात्रों के हित में यह एक ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है।
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