पुराने स्केल, पुरानी पेंशन और भत्ता बहाली मोर्चा ने पंजाब सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों की वित्तीय मांगों को लेकर मोर्चा ने 31 मई 2026 को मोहाली में राज्यस्तरीय रैली बुलाई है। इसके बाद मुख्यमंत्री निवास चंडीगढ़ की ओर कूच करने का भी निर्णय लिया गया है। जालंधर में इस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जोरदार प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। मोर्चा के नेताओं का आरोप है कि 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों पर नए वेतनमान लागू कर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले इसका विरोध किया था, लेकिन अब नए कर्मचारियों को 40 फीसदी कम वेतन मिल रहा है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत नियमित 1007 कर्मचारियों को वर्ष 2018 से वित्तीय लाभ नहीं दिए गए हैं। सरकार ने 1972 के नियमों के अनुसार पुरानी पेंशन प्रणाली लागू नहीं की है, बावजूद इसके 2022 में अधूरा नोटिफिकेशन जारी किया गया था। कर्मचारियों का 18 फीसदी लंबित महंगाई भत्ता और 37 प्रकार के बंद भत्ते अब तक बहाल नहीं हुए हैं। छठे पंजाब वेतन आयोग की रिपोर्ट और एसीपी लाभ भी पिछले साढ़े चार वर्षों से रोके हुए हैं। मोर्चा ने 4161 मास्टर और 6635 ईटीटी शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी करने की कड़ी निंदा की है। कच्चे अध्यापकों को ‘एसोसिएट टीचर’ बनाने के बजाय सिविल सेवा नियमों के तहत नियमित करने की मांग उठाई गई है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
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