शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। कारोबार के अंतिम घंटे में बिकवाली का दबाव अचानक बढ़ गया और प्रमुख सूचकांक तेजी से नीचे आ गए। सेंसेक्स और निफ्टी50 दोनों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। बाजार पूंजीकरण में भारी कमी आने से निवेशकों की संपत्ति में लगभग 5.77 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आंकी गई। बाजार में कमजोरी का असर लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों पर दिखाई दिया। निवेशकों के बीच कमजोर मानसून की आशंकाओं को लेकर चिंता देखी गई। इसके साथ ही वैश्विक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। कई सेक्टरों में व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई, जिससे बाजार का दबाव और बढ़ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक जोखिम कम करने की रणनीति अपनाते नजर आए। अंतिम घंटे की तेज गिरावट ने पूरे कारोबारी सत्र की दिशा बदल दी। बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखा गया। बाजार की कमजोरी ने निवेशकों की सतर्कता बढ़ा दी है। विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों, मानसून की स्थिति और आर्थिक आंकड़ों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। फिलहाल निवेशकों को उतार-चढ़ाव भरे माहौल के लिए तैयार रहने की सलाह दी जा रही है।
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