इज़राइल और लेबनान के बीच घोषित संघर्षविराम के बावजूद हाल के दिनों में इज़राइली हमलों में तेजी देखी जा रही है। इन हमलों का केंद्र दक्षिणी लेबनान और कुछ अन्य रणनीतिक इलाके रहे हैं। कई रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर की जा रही है। संघर्षविराम के बावजूद जमीन पर तनाव कम नहीं हुआ है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताएं भी जारी हैं, जिससे क्षेत्रीय कूटनीति और अधिक जटिल हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इज़राइल अपनी सुरक्षा चिंताओं और हिज़्बुल्लाह के खतरे के कारण हमले जारी रखे हुए है। दूसरी ओर, लेबनान में नागरिक हताहतों और मानवीय संकट की आशंका बढ़ती जा रही है। अमेरिका इस स्थिति को नियंत्रित करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। ईरान का प्रभाव और हिज़्बुल्लाह की भूमिका इस संघर्ष को और व्यापक बना रही है। संघर्षविराम के बावजूद बार-बार होने वाली झड़पें इसे कमजोर कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने और बातचीत को प्राथमिकता देने की अपील की है। मध्य पूर्व में यह स्थिति बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की संभावना को बढ़ा रही है।
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