हरियाणा सरकार ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 250 स्कूलों को ‘चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश स्कूल’ घोषित किया है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत इन स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई अनिवार्य होगी। दूसरी कक्षा से हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अलग-अलग सेक्शन संचालित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य छात्रों को शुरुआती स्तर से बेहतर अंग्रेजी शिक्षा उपलब्ध कराना है। सभी स्कूल हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध बने रहेंगे। छात्रों की मान्यता, परीक्षा प्रणाली और बोर्ड व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमित शुल्क के अलावा छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी। सभी चयनित स्कूल सह-शिक्षा संस्थान के रूप में कार्य करेंगे, जहां छात्र और छात्राएं साथ पढ़ेंगे। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विशेष स्क्रीनिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह प्रक्रिया मॉडल संस्कृति स्कूल और पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर होगी। इन संस्थानों को अपने क्षेत्र में हब स्कूल की भूमिका भी दी जाएगी। वे आसपास के स्कूलों को शैक्षणिक संसाधन, मार्गदर्शन और विशेषज्ञ सहयोग प्रदान करेंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
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