डिज्नी ने डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से जुड़े मीडिया नियामक पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। कंपनी का कहना है कि उसके साथ की गई कार्रवाई कानून के अनुरूप नहीं है। विवाद तब शुरू हुआ जब डिज्नी को अपने आठ एबीसी टीवी स्टेशनों के लाइसेंस की समय से पहले समीक्षा के लिए आवेदन करने को कहा गया। कंपनी का दावा है कि यह कदम मीडिया संस्थानों पर अनावश्यक दबाव बनाने जैसा है। डिज्नी ने इसे स्वतंत्र पत्रकारिता और मीडिया की स्वायत्तता के लिए चिंता का विषय बताया है। कंपनी का कहना है कि नियामक की कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सिद्धांतों के खिलाफ है। इस मामले ने अमेरिका में मीडिया और सरकारी संस्थाओं के संबंधों पर नई बहस छेड़ दी है। आलोचकों का मानना है कि मीडिया संस्थानों को राजनीतिक दबाव से मुक्त रहना चाहिए। वहीं, समर्थकों का कहना है कि नियामक प्रक्रियाओं का पालन सभी प्रसारण संस्थानों के लिए आवश्यक है। एबीसी अमेरिका के प्रमुख टीवी नेटवर्कों में से एक है और इसका स्वामित्व डिज्नी के पास है। इस विवाद पर विभिन्न राजनीतिक और मीडिया समूहों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मामला कानूनी और संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और कानूनी तथा राजनीतिक बहस होने की संभावना है।
Source: Source