ब्राजील से भारत तक पहुंची एक संदिग्ध कोकीन खेप की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, यह जहाज 196 दिनों की लंबी यात्रा के दौरान 7 देशों और 23 बंदरगाहों से होकर गुजरा। मामले की जांच कर रही एटीएस को संदेह है कि भारत का इस्तेमाल मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के लिए ट्रांजिट हब के रूप में किया जा रहा था। अधिकारियों का मानना है कि कोकीन को आगे अन्य देशों तक पहुंचाने के लिए हवाई कार्गो नेटवर्क का उपयोग किया जा सकता था। जांच एजेंसियां पूरे सप्लाई चेन और उससे जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। जहाज की यात्रा के विभिन्न चरणों और बंदरगाहों की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोहों की भूमिका की आशंका जताई गई है। एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं। इस मामले ने वैश्विक मादक पदार्थ तस्करी के नए तरीकों पर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भारत को ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किए जाने की संभावना को गंभीरता से लिया जा रहा है। विभिन्न देशों की एजेंसियों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान भी किया जा रहा है। जांच के दायरे में एयर कार्गो ऑपरेटरों और संबंधित नेटवर्क को भी शामिल किया गया है। मामले में आगे और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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